पैकटेंडर कैसे काम करता है
सरकारी पोर्टल पर टेंडर आने से लेकर जमा करने लायक़ पूरे पैक तक — पाँच क़दम, ज़्यादातर अपने आप।
अपनी फ़र्म के बारे में बताइए — बस एक बार
रजिस्ट्रेशन क्लास, विभाग, टर्नओवर, काम का अनुभव, ज़िले और आपके दस्तावेज़। दस मिनट का काम, हिंदी या अंग्रेज़ी में। चाहें तो छोड़कर बाद में पूरा करें।
पोर्टलों पर हमारी नज़र
हमारा सिस्टम CPPP और उत्तर भारत के राज्य पोर्टल — UP eTender, Rajasthan eProcurement, Haryana eTenders — हर कुछ घंटे में जाँचता है, शुद्धिपत्र समेत। तारीख़ बढ़ी या शर्त बदली, तो आपसे छूटेगी नहीं। GeM जल्द आ रहा है।
मैच हुए टेंडर के अलर्ट
ज़्यादा मैच वाले टेंडर तुरंत WhatsApp पर, बाक़ी दिन में एक बार के डाइजेस्ट में। हर अलर्ट में विभाग, रक़म, आख़िरी तारीख़ और खोलने का सीधा लिंक।
AI जाँच (जल्द आ रहा है)
हम एक AI बना रहे हैं जो पात्रता की शर्तों को आपकी प्रोफ़ाइल के हिसाब से चेकलिस्ट में बदलेगा, ज़रूरी दस्तावेज़ों को आपके लॉकर से मिलाएगा, EMD, फ़ीस और तारीख़ें निकालेगा, और जोखिम सीधी भाषा में बताएगा। अभी यह लाइव नहीं है — टेंडर पेज पर रक़म और EMD अभी "बताया नहीं गया" दिखता है।
तैयारी पूरी, भरोसे के साथ जमा कीजिए
विज़ार्ड पोर्टल के फ़ॉर्म का हर खाना आसान शब्दों में समझाता है और आपकी सेव की हुई प्रोफ़ाइल से जवाब जोड़ने में मदद करता है। दस्तावेज़ बनाना और सबमिशन पैक डाउनलोड करना जल्द आ रहा है — फ़िलहाल आप अपने दस्तावेज़ों के साथ ख़ुद पोर्टल पर जमा करते हैं। DSC हमेशा आपके ही पास रहता है।