पैकटेंडर कैसे काम करता है
सरकारी पोर्टल पर टेंडर आने से लेकर जमा करने लायक़ पूरे पैक तक — पाँच क़दम, ज़्यादातर अपने आप।
अपनी फ़र्म के बारे में बताइए — बस एक बार
रजिस्ट्रेशन क्लास, विभाग, टर्नओवर, काम का अनुभव, ज़िले और आपके दस्तावेज़। दस मिनट का काम, हिंदी या अंग्रेज़ी में। चाहें तो छोड़कर बाद में पूरा करें।
पोर्टलों पर हमारी नज़र
हमारा सिस्टम CPPP, GeM और उत्तर भारत के राज्य पोर्टल हर कुछ घंटे में जाँचता है — शुद्धिपत्र समेत। तारीख़ बढ़ी या शर्त बदली, तो आपसे छूटेगी नहीं।
मैच हुए टेंडर के अलर्ट
ज़्यादा मैच वाले टेंडर तुरंत WhatsApp पर, बाक़ी दिन में एक बार के डाइजेस्ट में। हर अलर्ट में विभाग, रक़म, आख़िरी तारीख़ और खोलने का सीधा लिंक।
AI टेंडर की जाँच करता है
पात्रता की शर्तें चेकलिस्ट बन जाती हैं — पूरी, कमी, या साफ़ नहीं। ज़रूरी दस्तावेज़ आपके लॉकर से मिलाए जाते हैं। EMD, फ़ीस और तारीख़ें निकाल दी जाती हैं। जोखिम सीधी भाषा में बताए जाते हैं।
तैयारी पूरी, भरोसे के साथ जमा कीजिए
कवर लेटर, घोषणापत्र और अनुलग्नक आपकी सेव की हुई प्रोफ़ाइल से बनते हैं। विज़ार्ड पोर्टल के फ़ॉर्म का हर खाना आसान शब्दों में समझाता है और जवाब जोड़ता जाता है। एक व्यवस्थित पैक डाउनलोड कीजिए और पोर्टल पर ख़ुद जमा कीजिए — DSC आपके ही पास रहता है।
पैकटेंडर कभी आपकी ओर से बिड जमा नहीं करता और आपके DSC टोकन को कभी हाथ नहीं लगाता। आख़िरी क्लिक आपका है।