वही सवाल जो ठेकेदार सच में पूछते हैं

क्या पैकटेंडर मेरी बिड ख़ुद जमा कर देगा?
नहीं — और यह जानबूझकर है। पोर्टल पर जमा करने के लिए आपका Class III DSC टोकन चाहिए और आख़िरी तारीख़ का जोखिम आपके ही हाथ में रहना चाहिए। हम उस क़दम तक की पूरी तैयारी करते हैं: काग़ज़ात, जवाब और चेकलिस्ट — सब एक पैक में।
मुझे हिंदी में सहूलियत है। क्या यह सच में मेरे काम आएगा?
हाँ। पूरा प्रोडक्ट — अलर्ट, सारांश, विज़ार्ड — हिंदी में चलता है। टेंडर के दस्तावेज़ अंग्रेज़ी में ही होते हैं, पर AI उन्हें आपको हिंदी में, आसान शब्दों में समझाता है।
टेंडर आते कहाँ से हैं?
सरकारी पोर्टलों से: CPPP, GeM और उत्तर भारत के राज्य eProcurement पोर्टल। हम हर कुछ घंटे में जाँचते हैं और शुद्धिपत्रों पर भी नज़र रखते हैं।
मेरी फ़र्म का डेटा सुरक्षित है?
आपकी प्रोफ़ाइल और दस्तावेज़ सिर्फ़ आपकी फ़र्म के खाते को दिखते हैं। हम ठेकेदारों का डेटा न किसी से साझा करते हैं, न बेचते हैं। आपके दस्तावेज़ सिर्फ़ आपकी अपनी बिड बनाने में इस्तेमाल होते हैं।
AI दस्तावेज़ किस आधार पर बनाता है?
सिर्फ़ उस जानकारी पर जो आपने प्रोफ़ाइल में सेव की है। वह टर्नओवर या अनुभव कभी अपने मन से नहीं लिखता। कुछ छूटा हो तो दस्तावेज़ में साफ़ निशान वाली ख़ाली जगह दिखती है, जिसे आप भरते हैं।
सेव किए टेंडर में बाद में कुछ बदल जाए तो?
शुद्धिपत्र अपने आप ट्रैक होते हैं। सेव किए या मैच हुए टेंडर की तारीख़ बढ़े या शर्त बदले, तो आपको अलर्ट मिलता है — साथ में यह भी कि बदला क्या है।